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ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती है? 7 प्रकार और कौन सी आपके लिए

ट्रेडिंग के 7 प्रकार: इंट्राडे, स्कैल्पिंग, स्विंग, पोजिशनल, फ्यूचर्स, ऑप्शन और कमोडिटी. हर एक का फायदा, जोखिम और किसके लिए सही है.

7 मिनट·Rahul Kumar·
ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती है? 7 प्रकार और कौन सी आपके लिए

ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती है? नए लोग अक्सर यह सोचते हैं कि ट्रेडिंग एक ही चीज है. असल में यह कई तरह की होती है, और हर एक के लिए अलग समय, अलग पूंजी और अलग समझ चाहिए.

इस लेख में हम 7 प्रकार देखेंगे, आसान उदाहरण के साथ, और आखिर में यह भी कि आपके लिए कौन सी सही रहेगी.

ट्रेडिंग और निवेश का फर्क

पहले यह साफ कर लीजिए, क्योंकि यहीं सबसे ज्यादा गड़बड़ होती है.

ट्रेडिंगनिवेश
मकसदभाव के उतार-चढ़ाव से कमाईकंपनी के बढ़ने से कमाई
समयमिनटों से महीनों तकसालों तक
क्या देखते हैंचार्ट और भावकंपनी की कमाई और कर्ज
कितना ध्यान चाहिएरोजकभी-कभी

दोनों गलत नहीं हैं. बस यह तय होना चाहिए कि आप कर क्या रहे हैं. सबसे बड़ी गलती यह होती है कि ट्रेडिंग के लिए खरीदा शेयर घाटे में जाने पर लोग उसे "लॉन्ग टर्म निवेश" कह देते हैं.

1. इंट्राडे ट्रेडिंग

उसी दिन खरीदना और उसी दिन बेच देना. इसे डे ट्रेडिंग भी कहते हैं.

उदाहरण: सुबह ₹100 के 10 शेयर खरीदे, दोपहर तक भाव ₹110 हुआ, बेच दिया. ₹100 का फायदा.

फायदाजोखिम
पैसा रात भर फंसता नहींपूरे दिन स्क्रीन देखनी पड़ती है
कम पूंजी में शुरू हो सकती हैब्रोकरेज बार-बार लगता है
उधार (मार्जिन) मिल जाता हैउधार की वजह से नुकसान भी कई गुना

किसके लिए: जिनके पास दिन में समय है और जो चार्ट पढ़ना जानते हैं.

2. स्कैल्पिंग

यह इंट्राडे का ही तेज रूप है. इसमें सौदे कुछ सेकंड या मिनटों के होते हैं, और एक दिन में दर्जनों सौदे किए जाते हैं. हर सौदे में मुनाफा बहुत छोटा होता है.

सच्चाई: ब्रोकरेज और चार्ज इतने सौदों में इतना बढ़ जाता है कि ज्यादातर नए लोगों का मुनाफा उसी में चला जाता है. यह सबसे मुश्किल प्रकार है और शुरुआत के लिए बिल्कुल नहीं है.

3. BTST

Buy Today Sell Tomorrow, यानी आज खरीदिए और अगले दिन बेच दीजिए. यह उन लोगों के लिए है जो किसी खबर या नतीजे के बाद अगले दिन की चाल पकड़ना चाहते हैं.

जोखिम यह है कि रात में कोई बड़ी खबर आ जाए तो अगली सुबह बाजार सीधे नीचे खुल सकता है.

4. स्विंग ट्रेडिंग

शेयर को कुछ दिन से कुछ हफ्तों तक रखना.

उदाहरण: ₹100 में खरीदा, दो हफ्ते बाद ₹120 हुआ, बेच दिया.

फायदाजोखिम
रोज स्क्रीन देखने की जरूरत नहींनतीजा आने में समय लगता है
नौकरी के साथ हो सकती हैरातभर की खबरों का असर पड़ता है
ब्रोकरेज कम लगता हैसब्र चाहिए

किसके लिए: नौकरीपेशा लोगों के लिए यह सबसे व्यावहारिक प्रकार माना जाता है.

trading kitne prakar ki hoti hai

5. पोजिशनल ट्रेडिंग

शेयर को महीनों या सालों तक रखना. यह निवेश के सबसे करीब है.

उदाहरण: ₹500 में 100 शेयर खरीदे, 3 साल बाद भाव ₹1,000 हुआ.

फायदाजोखिम
रोज की हलचल से फर्क नहीं पड़तापैसा लंबे समय तक लगा रहता है
ब्रोकरेज सबसे कमगलत कंपनी चुनी तो समय भी गया
मन पर दबाव कमसब्र सबसे ज्यादा चाहिए

यहां एक बात साफ कर दूं. लंबे समय का मतलब ज्यादा जोखिम नहीं होता, अक्सर उल्टा होता है. अच्छी कंपनी में लंबा समय जोखिम घटाता है. जोखिम कंपनी चुनने की गलती से आता है, समय से नहीं.

6. फ्यूचर्स और ऑप्शन ट्रेडिंग (F&O)

यह सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला और सबसे खतरनाक प्रकार है.

फ्यूचर्स में आप भविष्य की तारीख पर तय भाव में सौदा करते हैं. ऑप्शन में आप एक अधिकार खरीदते हैं, जिसके बदले प्रीमियम चुकाते हैं.

उदाहरण: आपने ₹5 प्रीमियम देकर यह अधिकार खरीदा कि एक महीने बाद शेयर ₹100 में खरीद सकें. अगर भाव ₹120 हुआ तो फायदा. लेकिन अगर भाव ₹100 से नीचे ही रहा, तो आपका पूरा प्रीमियम डूब जाता है.

यही बात ज्यादातर लोग नहीं समझते. ऑप्शन में समय बीतने के साथ प्रीमियम की कीमत अपने आप घटती जाती है.

SEBI के आंकड़े: ताजा रिपोर्ट के मुताबिक F&O में सौदे करने वाले करीब 88% लोग घाटे में रहे, और नुकसान का सबसे बड़ा हिस्सा ऑप्शन ट्रेडिंग से आया.

मेरी सीधी राय: शुरुआत में F&O से दूर रहिए. यहां सौदे लॉट में होते हैं, उधार मिलता है, और एक गलत दांव पूरी पूंजी ले जा सकता है.

7. कमोडिटी और करेंसी ट्रेडिंग

कमोडिटी में सोना, चांदी, कच्चा तेल, गेहूं जैसी चीजों के सौदे होते हैं. करेंसी में डॉलर-रुपया जैसे जोड़ों पर.

उदाहरण: सोना ₹50,000 में खरीदा और कुछ महीने बाद ₹55,000 में बेच दिया.

इनमें भाव अंतरराष्ट्रीय घटनाओं से हिलता है, जैसे युद्ध, तेल का उत्पादन या अमेरिका की ब्याज दर. इसलिए इन्हें समझना आम शेयर से मुश्किल होता है.

सब एक नजर में

प्रकारकितना समयजोखिमनए लोगों के लिए
स्कैल्पिंगसेकंड से मिनटबहुत ज्यादानहीं
इंट्राडेएक दिनज्यादानहीं
BTSTएक रातज्यादानहीं
स्विंगदिन से हफ्तेमध्यमहां, सीखने के बाद
पोजिशनलमहीने से सालकमहां
F&Oदिन से महीनेसबसे ज्यादाबिल्कुल नहीं
कमोडिटीकुछ भीज्यादानहीं

आपके लिए कौन सी सही है

खुद से तीन सवाल पूछिए.

1. दिन में कितना समय है? पूरा दिन खाली है तो इंट्राडे मुमकिन है. नौकरी करते हैं तो स्विंग या पोजिशनल.

2. कितनी पूंजी है? ₹10,000 से कम है तो ट्रेडिंग नहीं, निवेश कीजिए. ब्रोकरेज छोटी रकम का मुनाफा खा जाता है.

3. भाव गिरने पर नींद आती है? नहीं आती, तो कम जोखिम वाला रास्ता चुनिए. यह कमजोरी नहीं है, यह अपने बारे में सच जानना है.

नए लोगों के लिए मेरा सुझाव

इस क्रम में चलिए:

  1. पहले पोजिशनल या निवेश से शुरू कीजिए, ताकि बाजार की चाल समझ आए
  2. 6 महीने बाद स्विंग ट्रेडिंग आजमाइए, छोटी रकम से
  3. लगातार मुनाफा आने लगे तभी इंट्राडे के बारे में सोचिए
  4. F&O को कम से कम दो साल के अनुभव तक छुइए मत

शेयर मार्केट कैसे सीखें, पूरी गाइड यहां है. और शुरुआती लोगों के लिए कौन सी ट्रेडिंग बेहतर है, यह भी पढ़िए.

निष्कर्ष

ट्रेडिंग के सात मुख्य प्रकार हैं, और कोई भी प्रकार अपने आप में सबसे अच्छा या सबसे बुरा नहीं होता. सही प्रकार वही है जो आपके समय, आपकी पूंजी और आपके स्वभाव से मेल खाता हो.

जो लोग बिना सोचे सीधे इंट्राडे या ऑप्शन में कूद जाते हैं, वही सबसे ज्यादा नुकसान उठाते हैं. धीरे शुरू कीजिए, सीखते जाइए.

यह लेख सिर्फ सीखने के लिए है. हम SEBI रजिस्टर्ड एडवाइजर नहीं हैं और यह निवेश सलाह नहीं है. शेयर बाजार में पैसा डूब सकता है. निवेश से पहले खुद जांच करें या अपने वित्तीय सलाहकार से बात करें.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती है?

मुख्य रूप से सात: स्कैल्पिंग, इंट्राडे, BTST, स्विंग, पोजिशनल, F&O और कमोडिटी या करेंसी ट्रेडिंग.

नए लोगों के लिए कौन सी ट्रेडिंग सबसे अच्छी है?

पोजिशनल या स्विंग ट्रेडिंग, क्योंकि इनमें रोज स्क्रीन देखने की जरूरत नहीं होती और जल्दबाजी में गलती कम होती है.

सबसे ज्यादा जोखिम किसमें है?

F&O यानी ऑप्शन और फ्यूचर में. SEBI के आंकड़ों के मुताबिक इसमें करीब 88% लोग घाटे में रहते हैं.

सबसे ज्यादा मुनाफा किस ट्रेडिंग में होता है?

यह गलत सवाल है. जिसमें ज्यादा मुनाफे की संभावना होती है, उसी में ज्यादा नुकसान की भी. असली सवाल यह है कि आप कितना जोखिम उठा सकते हैं.

क्या नौकरी के साथ ट्रेडिंग हो सकती है?

हां, स्विंग या पोजिशनल ट्रेडिंग से. इनमें बाजार खुलने के समय स्क्रीन के सामने रहना जरूरी नहीं होता.

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— Rahul, TradingWithRahul
Rahul Kumar

लेखक

Rahul Kumar

B.Com, School of Open Learning, University of Delhi से कॉमर्स ग्रेजुएट. 2020 से शेयर मार्केट में ट्रेडिंग और निवेश कर रहे हैं और यहाँ अपना अनुभव आसान हिंदी में लिखते हैं.