डीमैट अकाउंट कैसे खोलें? दस्तावेज, चार्ज और पूरा तरीका
डीमैट अकाउंट कैसे खोलें: जरूरी दस्तावेज, ऑनलाइन प्रक्रिया, कौन-कौन से चार्ज लगते हैं और KYC रिजेक्ट होने से कैसे बचें.

डीमैट अकाउंट कैसे खोलें? पूरा काम मोबाइल से 15 से 20 मिनट में हो जाता है, और खाता आमतौर पर 1 से 2 दिन में चालू हो जाता है.
इस लेख में पूरी प्रक्रिया है, साथ में चार्ज की सच्चाई और वो गलतियां भी जिनकी वजह से KYC रिजेक्ट हो जाती है.
डीमैट अकाउंट क्या है
डीमैट खाता वो डिजिटल तिजोरी है जिसमें आपके शेयर इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखे जाते हैं. पहले शेयर कागज के सर्टिफिकेट के रूप में मिलते थे, जिन्हें संभालना और बेचना दोनों मुश्किल था.
भारत में दो डिपॉजिटरी हैं जो ये खाते संभालती हैं:
| डिपॉजिटरी | पूरा नाम |
|---|---|
| NSDL | National Securities Depository Limited |
| CDSL | Central Depository Services Limited |
दोनों SEBI के नियमों के तहत काम करती हैं. आपका खाता इनमें से किसी एक में खुलता है, और यह आपके ब्रोकर पर निर्भर करता है.
तीन खाते, तीन काम
नए लोग यहीं उलझते हैं, इसलिए यह साफ कर लीजिए:
| खाता | काम करता है |
|---|---|
| डीमैट | शेयर रखने का |
| ट्रेडिंग | खरीदने-बेचने का |
| बैंक | पैसे के लेनदेन का |
तीनों आजकल एक साथ खुल जाते हैं और आपस में जुड़े रहते हैं.
जरूरी दस्तावेज
- पहचान: पैन कार्ड और आधार कार्ड
- पता: आधार, वोटर आईडी या बिजली का बिल
- बैंक: कैंसिल चेक या बैंक स्टेटमेंट, जिसमें IFSC साफ दिखे
- फोटो: पासपोर्ट साइज
- हस्ताक्षर: सफेद कागज पर, स्कैन करने के लिए
- आय प्रमाण: सिर्फ तब जब F&O चालू कराना हो
दो बातें जिनसे KYC रिजेक्ट होती है:
- पैन और आधार में नाम अलग-अलग होना. स्पेलिंग तक एक जैसी होनी चाहिए
- आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर बंद होना, क्योंकि उसी पर OTP आता है
खाता खोलने से पहले ये दोनों चीजें जांच लीजिए, वरना बीच में प्रक्रिया अटक जाती है.
ब्रोकर कैसे चुनें
| क्या देखें | क्यों |
|---|---|
| SEBI रजिस्ट्रेशन | यह सबसे जरूरी है, वेबसाइट पर लिखा होता है |
| AMC | सालाना शुल्क कितना है |
| डिलीवरी ब्रोकरेज | लंबी अवधि के निवेश पर कितना लगता है |
| ऐप कैसा है | आपको चलाने में आसान लगे |
| ग्राहक सेवा | दिक्कत आने पर जवाब मिलता है या नहीं |
मेरे पास खुद Zerodha और Groww दोनों में खाता है. नए लोगों को Groww का इंटरफेस आसान लगता है, और जिन्हें चार्ट और टूल चाहिए उनके लिए Zerodha बेहतर रहता है. Upstox, Angel One और Dhan भी विकल्प हैं.
चार्ज बदलते रहते हैं, इसलिए खाता खोलने से पहले ब्रोकर की वेबसाइट पर ताजा रेट जरूर देख लीजिए.
खाता खोलने की प्रक्रिया
Step 1: ब्रोकर की वेबसाइट या ऐप पर साइन अप
मोबाइल नंबर और ईमेल डालिए, OTP से पुष्टि कीजिए.

Step 2: पैन और आधार डालिए
आधार से e-KYC अपने आप हो जाती है, इसलिए ज्यादातर जानकारी खुद भर जाती है.
Step 3: बैंक खाता जोड़िए
कैंसिल चेक या बैंक स्टेटमेंट अपलोड कीजिए. ध्यान रखिए कि बैंक खाता आपके ही नाम का हो.

Step 4: IPV यानी वीडियो वेरिफिकेशन
यह SEBI का अनिवार्य नियम है, ताकि कोई किसी और के नाम पर खाता न खोल सके. इसमें आपको लाइव सेल्फी लेनी होती है या छोटा वीडियो देना होता है.
Step 5: नॉमिनी भरिए
इसे छोड़िए मत. नॉमिनी न होने पर आपके बाद परिवार को शेयर निकलवाने में महीनों लग सकते हैं. यह 2 मिनट का काम है.
Step 6: e-Sign कीजिए
आधार से जुड़े मोबाइल पर आए OTP से डिजिटल हस्ताक्षर कीजिए. इसके बाद फॉर्म जमा हो जाता है.
Step 7: खाता चालू
1 से 2 कारोबारी दिन में ईमेल पर लॉगिन आईडी और पासवर्ड आ जाते हैं. साथ में T-PIN भी आता है, जो शेयर बेचते समय लगेगा. उसे संभाल कर रखिए.
अब ऐप में लॉग इन कीजिए, UPI से पैसे डालिए और शेयर खरीद सकते हैं. मोबाइल से शेयर खरीदने का तरीका यहां है.
कौन-कौन से चार्ज लगते हैं
| चार्ज | कब लगता है |
|---|---|
| अकाउंट ओपनिंग | खाता खोलते समय, कई जगह मुफ्त |
| AMC | हर साल, चाहे सौदा करें या न करें |
| ब्रोकरेज | हर सौदे पर (डिलीवरी में अक्सर शून्य) |
| DP चार्ज | हर बार शेयर बेचने पर, प्रति स्क्रिप |
| STT, GST, स्टांप ड्यूटी | हर सौदे पर, सरकारी शुल्क |
DP चार्ज को खास तौर पर समझिए. यह हर बिक्री पर लगता है, चाहे आपने ₹500 के शेयर बेचे हों या ₹50,000 के. इसलिए बार-बार छोटी बिक्री करने से बचिए.
AMC बचाने का तरीका
अगर आपका निवेश छोटा है, तो BSDA के बारे में पूछिए. यह SEBI का बनाया हुआ खाता है जिसमें होल्डिंग एक तय सीमा से कम हो तो सालाना शुल्क शून्य या बहुत कम रहता है.
शर्त यह है कि यह आपका इकलौता डीमैट खाता हो. ज्यादातर ब्रोकर खुद से यह चालू नहीं करते, मांगना पड़ता है. इस पर विस्तार से यहां पढ़िए.
खाता खोलने के बाद ये 4 काम कीजिए
- टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू कीजिए
- नॉमिनी की जानकारी एक बार जांच लीजिए
- CDSL या NSDL से आने वाला स्टेटमेंट खोलकर देखिए, यह सीधे उनकी तरफ से आता है
- अपना पासवर्ड और T-PIN किसी के साथ शेयर मत कीजिए, ब्रोकर का स्टाफ भी कभी नहीं मांगता
अक्सर होने वाली उलझनें
क्या एक से ज्यादा डीमैट खाते रख सकते हैं? हां, अलग-अलग ब्रोकर के साथ. पर हर खाते का AMC अलग लगेगा और BSDA की सुविधा नहीं मिलेगी.
क्या बिना ट्रेडिंग खाते के डीमैट चल सकता है? चल सकता है, पर उससे आप खरीद-बिक्री नहीं कर पाएंगे. इसलिए दोनों साथ ही खुलवाए जाते हैं.
क्या म्यूचुअल फंड के लिए डीमैट चाहिए? नहीं. SIP सीधे फंड हाउस या निवेश ऐप से हो जाती है.
नाबालिग का खाता? खुल सकता है, पर वो माता-पिता या अभिभावक के जरिए चलता है.
निष्कर्ष
डीमैट अकाउंट खोलना आज सबसे आसान काम है: पैन, आधार और बैंक की जानकारी से 15 मिनट में हो जाता है.
बस तीन बातें याद रखिए: SEBI रजिस्टर्ड ब्रोकर चुनिए, नॉमिनी जरूर भरिए, और चार्ज पहले पढ़ लीजिए. खाता खुलने के बाद जल्दबाजी में खरीदने की जगह पहले सीखिए.
यह लेख सिर्फ सीखने के लिए है. हम SEBI रजिस्टर्ड एडवाइजर नहीं हैं और यह निवेश सलाह नहीं है. चार्ज और नियम ब्रोकर के हिसाब से अलग होते हैं और बदलते रहते हैं, इसलिए ताजा जानकारी जरूर देख लें.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
डीमैट अकाउंट खोलने में कितना समय लगता है?
फॉर्म भरने में 15 से 20 मिनट, और खाता चालू होने में 1 से 2 कारोबारी दिन.
डीमैट अकाउंट खोलने के लिए क्या चाहिए?
पैन कार्ड, आधार (मोबाइल से जुड़ा हुआ), बैंक खाते की जानकारी, फोटो और हस्ताक्षर.
क्या डीमैट अकाउंट मुफ्त में खुलता है?
कई ब्रोकर खाता मुफ्त खोलते हैं, पर सालाना AMC लगभग सब लेते हैं. BSDA में यह शून्य या बहुत कम हो सकता है.
डीमैट अकाउंट में मिनिमम बैलेंस चाहिए?
नहीं. डीमैट खाते में कोई न्यूनतम रकम रखने की जरूरत नहीं होती.
KYC रिजेक्ट क्यों हो जाती है?
सबसे आम वजहें दो हैं: पैन और आधार में नाम या स्पेलिंग का फर्क, और आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर बंद होना.

लेखक
Rahul KumarB.Com, School of Open Learning, University of Delhi से कॉमर्स ग्रेजुएट. 2020 से शेयर मार्केट में ट्रेडिंग और निवेश कर रहे हैं और यहाँ अपना अनुभव आसान हिंदी में लिखते हैं.


