शेयर बाजार का चार्ट कैसे पढ़ें? शुरुआत से पूरी गाइड
शेयर मार्केट का चार्ट कैसे पढ़ें: कैंडलस्टिक, ट्रेंड, सपोर्ट रेजिस्टेंस, वॉल्यूम और चार्ट पैटर्न, सब आसान हिंदी में उदाहरण के साथ.

शेयर बाजार का चार्ट कैसे पढ़ें? पहली बार देखने पर चार्ट लाल और हरी लकीरों का जंगल लगता है. पर इसमें सिर्फ चार बातें समझनी होती हैं, और वो चारों इस लेख में हैं.
चार्ट पढ़ना सिर्फ ट्रेडरों के काम की चीज नहीं है. लंबी अवधि के निवेशक को भी यह बताता है कि खरीदने का समय ठीक है या नहीं.
चार्ट होता क्या है
चार्ट एक तस्वीर है जो बताती है कि शेयर का भाव समय के साथ कैसे बदला.
- नीचे की तरफ (X-अक्ष): समय
- बगल में (Y-अक्ष): भाव
बस इतना ही. बाकी सब इसी के ऊपर बनता है.
चार्ट के प्रकार

| चार्ट | क्या दिखाता है | किसके लिए |
|---|---|---|
| लाइन चार्ट | सिर्फ बंद होने का भाव, एक लकीर में | बिल्कुल नए लोगों के लिए |
| बार चार्ट | दिन का हाई, लो, ओपन और क्लोज | थोड़ी समझ आने के बाद |
| कैंडलस्टिक चार्ट | वही चारों, पर देखने में सबसे आसान | सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला |
शुरुआत लाइन चार्ट से कीजिए, क्योंकि उसमें सिर्फ दिशा दिखती है और उलझन नहीं होती. समझ बनने पर कैंडलस्टिक पर आइए.
कैंडलस्टिक पढ़ना सीखिए

एक कैंडल चार बातें एक साथ बताती है:
| हिस्सा | मतलब |
|---|---|
| मोटा हिस्सा (बॉडी) | खुलने और बंद होने के भाव के बीच का फर्क |
| ऊपर की पतली लकीर | उस दिन का सबसे ऊंचा भाव |
| नीचे की पतली लकीर | उस दिन का सबसे नीचा भाव |
| हरा रंग | बंद भाव, खुलने के भाव से ऊपर |
| लाल रंग | बंद भाव, खुलने के भाव से नीचे |
अब असली काम की बात: कैंडल का आकार भी कुछ कहता है.
- लंबी बॉडी का मतलब है कि एक तरफ का जोर ज्यादा था
- छोटी बॉडी का मतलब है कि खरीदार और बिकवाल बराबरी पर रहे
- लंबी नीचे वाली लकीर का मतलब है कि भाव नीचे गया, पर खरीदार उसे वापस ऊपर ले आए
यही आखिरी वाली बात सबसे ज्यादा काम आती है, क्योंकि यह बताती है कि नीचे कहीं खरीदार मौजूद हैं.
चार्ट में चार चीजें देखिए
1. ट्रेंड, यानी दिशा
| ट्रेंड | पहचान | उदाहरण |
|---|---|---|
| अपट्रेंड | हर ऊंचाई पिछली से ऊंची, हर गिरावट पिछली से ऊंची | ₹100, ₹120, ₹110, ₹130 |
| डाउनट्रेंड | हर ऊंचाई पिछली से नीची | ₹100, ₹80, ₹90, ₹70 |
| साइडवेज | भाव एक दायरे में घूमता रहे | हफ्तों तक ₹100 से ₹105 |
सबसे पुराना नियम यही है: ट्रेंड के खिलाफ मत जाइए. गिरते शेयर को सिर्फ इसलिए खरीदना कि वो सस्ता हो गया है, सबसे आम गलती है.
2. सपोर्ट और रेजिस्टेंस
सपोर्ट वो भाव है जहां गिरावट अक्सर रुक जाती है. रेजिस्टेंस वो भाव है जहां तेजी अक्सर अटक जाती है.
इन्हें ढूंढने का तरीका आसान है: चार्ट पर देखिए कि भाव किन लेवल पर बार-बार रुका या पलटा है. जितनी बार किसी लेवल पर ऐसा हुआ है, वो लेवल उतना ही मजबूत माना जाता है.
एक जरूरी बात: जब भाव रेजिस्टेंस को पार कर जाता है, तो वही पुराना रेजिस्टेंस आगे चलकर सपोर्ट बन जाता है. यह चार्ट की सबसे काम की बातों में से एक है.
3. वॉल्यूम
वॉल्यूम बताता है कि उस दिन कितने शेयर खरीदे-बेचे गए.
| क्या दिखा | मतलब |
|---|---|
| भाव बढ़ा, वॉल्यूम ज्यादा | तेजी में दम है |
| भाव बढ़ा, वॉल्यूम कम | तेजी कमजोर है, भरोसा मत कीजिए |
| भाव गिरा, वॉल्यूम ज्यादा | बिकवाली गंभीर है |
वॉल्यूम के बिना कोई भी चार्ट अधूरा है. ज्यादातर नए लोग सिर्फ भाव देखते हैं और यहीं गलती कर जाते हैं.
4. समय सीमा (Timeframe)
| समय | किसके लिए |
|---|---|
| 5 मिनट, 15 मिनट | इंट्राडे |
| रोजाना (Daily) | स्विंग ट्रेडिंग |
| हफ्ता, महीना | लंबी अवधि का निवेश |
नए लोगों के लिए सलाह: डेली चार्ट से शुरुआत कीजिए. 5 मिनट के चार्ट में इतना शोर होता है कि गलत फैसले ज्यादा होते हैं.
चार्ट पैटर्न
पैटर्न वो आकृतियां हैं जो चार्ट पर बार-बार बनती हैं.
हेड एंड शोल्डर

तीन चोटियां बनती हैं, बीच वाली सबसे ऊंची. इसे आमतौर पर तेजी के खत्म होने का संकेत माना जाता है.
डबल टॉप

भाव दो बार एक ही ऊंचाई तक जाता है और वापस लौट आता है. यानी उस लेवल पर बिकवाली मजबूत है.
डबल बॉटम

इसका उल्टा. भाव दो बार एक ही निचले लेवल पर जाकर वापस ऊपर आता है, यानी वहां खरीदार मौजूद हैं.
ट्रायंगल
भाव का दायरा धीरे-धीरे छोटा होता जाता है. इसका मतलब है कि जल्द ही किसी एक तरफ तेज चाल आ सकती है, पर किस तरफ, यह पहले से पता नहीं चलता.
पैटर्न के बारे में सच्चाई: ये सिर्फ संभावना बताते हैं, गारंटी नहीं. हर हेड एंड शोल्डर के बाद भाव नहीं गिरता. इसीलिए पैटर्न के साथ वॉल्यूम देखना और स्टॉप लॉस लगाना जरूरी है.
इंडिकेटर कितने सीखें
जितने कम, उतना अच्छा. शुरुआत में सिर्फ दो काफी हैं:
- मूविंग एवरेज (50 और 200 दिन): बताता है कि लंबी अवधि की दिशा क्या है
- RSI: बताता है कि शेयर बहुत ज्यादा चढ़ चुका है या बहुत ज्यादा गिर चुका है
चार्ट पर दस इंडिकेटर लगा लेने से फैसला आसान नहीं होता, उलझन बढ़ती है.
चार्ट देखने का मुफ्त तरीका
चार्ट देखने के लिए पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है. आपके ब्रोकर के ऐप में ही चार्ट मिलता है, और TradingView जैसी वेबसाइट पर मुफ्त में विस्तार से देखा जा सकता है.
अभ्यास ऐसे कीजिए: कोई बड़ी कंपनी चुनिए, उसका डेली चार्ट खोलिए, और पिछले 6 महीने में सपोर्ट और रेजिस्टेंस के लेवल खुद निशान लगाइए. दो हफ्ते ऐसा करने पर आंख बनने लगती है.
चार्ट पढ़ते समय 5 आम गलतियां
- सिर्फ भाव देखना, वॉल्यूम नहीं
- बहुत सारे इंडिकेटर लगा लेना
- छोटे टाइमफ्रेम से शुरुआत करना
- हर पैटर्न को पक्का मान लेना
- चार्ट देखकर खरीदना, पर कंपनी के बारे में कुछ न जानना
आखिरी वाली सबसे बड़ी है. चार्ट बताता है कब खरीदना है, और कंपनी के आंकड़े बताते हैं क्या खरीदना है. दोनों चाहिए. कंपनी परखना यहां सीखिए.
निष्कर्ष
चार्ट पढ़ना मुश्किल नहीं है. शुरुआत में सिर्फ चार चीजें देखिए: ट्रेंड, सपोर्ट-रेजिस्टेंस, कैंडलस्टिक और वॉल्यूम.
बाकी सब बाद में आता है. रोज 15 मिनट किसी एक शेयर का चार्ट देखिए, और दो महीने में आपको चार्ट लकीरों का जंगल नहीं, एक कहानी लगने लगेगा.
यह लेख सिर्फ सीखने के लिए है. हम SEBI रजिस्टर्ड एडवाइजर नहीं हैं और यह निवेश सलाह नहीं है. चार्ट भविष्य नहीं बताता, सिर्फ संभावना दिखाता है. निवेश से पहले खुद जांच करें या अपने वित्तीय सलाहकार से बात करें.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
शेयर मार्केट का चार्ट कैसे पढ़ते हैं?
चार चीजें देखिए: ट्रेंड किस दिशा में है, सपोर्ट और रेजिस्टेंस कहां हैं, कैंडलस्टिक क्या कह रही है, और वॉल्यूम कितना है.
कैंडलस्टिक में हरा और लाल रंग का क्या मतलब है?
हरा मतलब उस दिन भाव खुलने के भाव से ऊपर बंद हुआ, और लाल मतलब नीचे बंद हुआ.
नए लोगों को कौन सा चार्ट देखना चाहिए?
शुरुआत लाइन चार्ट और डेली टाइमफ्रेम से कीजिए. समझ बनने पर कैंडलस्टिक पर आइए.
क्या चार्ट देखकर भविष्य का भाव पता चलता है?
नहीं. चार्ट सिर्फ यह बताता है कि पहले क्या हुआ और आगे क्या होने की संभावना है. कोई भी पैटर्न पक्का नहीं होता.
चार्ट मुफ्त में कहां देख सकते हैं?
अपने ब्रोकर के ऐप में, और TradingView जैसी वेबसाइट पर मुफ्त में.

लेखक
Rahul KumarB.Com, School of Open Learning, University of Delhi से कॉमर्स ग्रेजुएट. 2020 से शेयर मार्केट में ट्रेडिंग और निवेश कर रहे हैं और यहाँ अपना अनुभव आसान हिंदी में लिखते हैं.


