सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले शेयर: 25 साल का असली रिकॉर्ड
सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले शेयर कौन से रहे: 5, 10, 15, 20 और 25 साल का रिकॉर्ड, ₹10,000 का हिसाब और ऐसे शेयर खुद ढूंढने का तरीका.

हर निवेशक जानना चाहता है कि सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले शेयर कौन से हैं. इस लेख में हम पिछले 5, 10, 15, 20 और 25 साल का असली रिकॉर्ड देखेंगे, और यह भी कि ऐसे शेयर खुद कैसे ढूंढे जाते हैं.
लेकिन शुरू में एक सच्चाई, जो इस पूरे लेख को समझने के लिए जरूरी है.
ये सारी लिस्ट पीछे मुड़कर देखने पर बनती हैं. 1999 में किसी को नहीं पता था कि Eicher Motors 3,000 गुना हो जाएगा. आज हमें पता है, इसलिए आसान लगता है. आगे कौन सा शेयर ऐसा करेगा, यह किसी को नहीं पता.
इन आंकड़ों का असली फायदा यह है कि इनसे एक पैटर्न समझ आता है: लंबा समय और अच्छी कंपनी. यही दो चीजें हर मल्टीबैगर में मिलती हैं.
25 साल का रिकॉर्ड (1999 से 2023)
| शेयर | पैसा कितना गुना हुआ | कुल रिटर्न |
|---|---|---|
| Apollo Hospitals | 518 गुना | 51,879% |
| Adani Enterprises | 543 गुना | 54,379% |
| Sun Pharmaceutical | 694 गुना | 69,483% |
| Lupin | 695 गुना | 69,513% |
| Havells India | 777 गुना | 77,741% |
| Titan | 855 गुना | 85,590% |
| Bharat Electronics | 931 गुना | 93,127% |
| Infosys | 1,070 गुना | 1,07,000% |
| Bajaj Finance | 1,139 गुना | 1,13,906% |
| Samvardhana Motherson | 1,439 गुना | 1,43,900% |
| Asian Paints | 1,690 गुना | 1,69,000% |
| Reliance Industries | 2,010 गुना | 2,01,000% |
| Eicher Motors | 3,279 गुना | 3,27,932% |
| TCS | 3,500 गुना | 3,50,000% |
| HDFC Bank | 4,000 गुना | 4,00,000% |
इन नंबरों को ठीक से समझिए. 4,000 गुना का मतलब है कि 1999 में लगाए ₹10,000 आज ₹4 करोड़ होते. सुनने में जादू लगता है, पर इसमें 25 साल लगे.
और इससे भी जरूरी बात: इन 25 सालों में बीच में कई बार ऐसा वक्त आया जब ये शेयर 40 से 60% तक गिरे. 2008 की मंदी, 2013 की सुस्ती, 2020 का कोविड क्रैश. जो लोग उस वक्त डरकर बेच गए, उन्हें यह रिटर्न नहीं मिला. रिटर्न सिर्फ उन्हें मिला जो टिके रहे.
20 साल का रिकॉर्ड (2004 से 2023)
| शेयर | सालाना CAGR | कुल रिटर्न | ₹10,000 का क्या हुआ |
|---|---|---|---|
| Bajaj Finance | 37.4% | 59,733% | करीब ₹59.8 लाख |
| Titan | 34.8% | 39,488% | करीब ₹39.5 लाख |
| Deepak Nitrite | 33.3% | 31,574% | करीब ₹31.6 लाख |
| Havells India | 29.9% | 23,730% | करीब ₹23.8 लाख |
| Supreme Industries | 29.3% | 17,183% | करीब ₹17.3 लाख |
यहां CAGR वाला कॉलम सबसे काम का है. Bajaj Finance ने 20 साल तक हर साल औसतन 37.4% दिया. यह बहुत दुर्लभ है. आम तौर पर 15% से 18% सालाना भी बहुत अच्छा माना जाता है.
15 साल का रिकॉर्ड (2009 से 2023)
| शेयर | सालाना CAGR | कुल रिटर्न | ₹10,000 का क्या हुआ |
|---|---|---|---|
| Apollo Pipes | 38.9% | 13,737% | करीब ₹13.8 लाख |
| Tata Elxsi | 31.2% | 5,827% | करीब ₹5.9 लाख |
| Kajaria Ceramics | 30.3% | 5,235% | करीब ₹5.3 लाख |
| Titan | 30.1% | 5,080% | करीब ₹5.2 लाख |
| Page Industries | 28.3% | 4,146% | करीब ₹4.2 लाख |
10 साल का रिकॉर्ड (2013 से 2023)
| शेयर | सालाना CAGR | कुल रिटर्न | ₹10,000 का क्या हुआ |
|---|---|---|---|
| Adani Enterprises | 53.6% | 11,202% | करीब ₹11.3 लाख |
| Bajaj Finance | 40.7% | 4,208% | करीब ₹4.3 लाख |
| Tata Elxsi | 38.8% | 3,608% | करीब ₹3.7 लाख |
| Trent | 33.8% | 2,362% | करीब ₹2.5 लाख |
| Godrej Properties | 27.2% | 1,317% | करीब ₹1.4 लाख |
5 साल का रिकॉर्ड (2019 से 2023)
| शेयर | सालाना CAGR | कुल रिटर्न | ₹10,000 का क्या हुआ |
|---|---|---|---|
| BSE Ltd | 70.8% | 1,357% | करीब ₹1.46 लाख |
| Tata Elxsi | 56.3% | 833% | करीब ₹93,300 |
| CDSL | 51.4% | 697% | करीब ₹79,700 |
| Tata Power | 47.5% | 599% | करीब ₹69,900 |
| Trent | 42.6% | 490% | करीब ₹59,000 |
| IRCTC | 39.2% | 423% | करीब ₹52,300 |
यहां ध्यान दीजिए कि जैसे-जैसे समय घटता है, रिटर्न भी घटता जाता है. 25 साल में 4,000 गुना, 5 साल में 14 गुना. कंपाउंडिंग का पूरा जादू समय से आता है, शेयर चुनने से नहीं.
दो कंपनियों की कहानी
Eicher Motors
यह कंपनी ट्रक, बस और Royal Enfield बाइक बनाती है. 1999 में यह एक साधारण कंपनी थी. फिर मैनेजमेंट बदला, Royal Enfield को नए सिरे से खड़ा किया गया, और कंपनी की किस्मत बदल गई.
सीख यह है कि मल्टीबैगर अक्सर तब बनते हैं जब कंपनी में कोई बड़ा बदलाव आता है, न कि तब जब वो पहले से मशहूर होती है.
Samvardhana Motherson
यह ऑटो सेक्टर की कंपनी है, जो गाड़ियों के लिए वायरिंग, शीशे और प्लास्टिक के पुर्जे बनाती है. इसका नाम आम लोग नहीं जानते, क्योंकि यह सीधे ग्राहक को कुछ नहीं बेचती.
सीख यह है कि बड़ा रिटर्न अक्सर ऐसी कंपनियों से आता है जिनका नाम सुर्खियों में नहीं होता, पर जिनका धंधा चुपचाप बढ़ता रहता है.
ये शेयर खुद कैसे ढूंढें
पुरानी लिस्ट देखने से पैसा नहीं बनता, क्योंकि उनका रिटर्न पहले ही आ चुका है. असली काम है आगे बढ़ने वाली कंपनियां ढूंढना. Screener.in जैसी मुफ्त वेबसाइट पर ये चीजें देखिए:
| क्या देखें | क्यों |
|---|---|
| बिक्री हर साल बढ़ रही है | धंधा सच में बढ़ रहा है |
| मुनाफा बिक्री से तेज बढ़ रहा है | कंपनी ज्यादा कुशल हो रही है |
| ROE 15% से ऊपर | कंपनी अपने पैसे का अच्छा इस्तेमाल कर रही है |
| कर्ज कम या शून्य | मुश्किल समय में टिकी रहेगी |
| प्रमोटर की हिस्सेदारी ज्यादा | मालिक का अपना पैसा लगा है |
| प्रमोटर के शेयर गिरवी नहीं | खतरे का कोई संकेत नहीं |
इसके साथ यह भी समझिए कि कंपनी करती क्या है और आगे 10 साल तक उसकी जरूरत बनी रहेगी या नहीं. फंडामेंटल एनालिसिस सीखने के लिए यह लेख पढ़ें.
एक बात जो कोई नहीं बताता
ऊपर की सारी लिस्ट में एक कमी है, जिसे सर्वाइवरशिप बायस कहते हैं.
हम सिर्फ उन कंपनियों को देखते हैं जो जीत गईं. जो सैकड़ों कंपनियां 1999 में उतनी ही उम्मीद जगाती थीं और बाद में डूब गईं, वो किसी लिस्ट में नहीं आतीं. उनका नाम भी कोई याद नहीं रखता.
इसलिए जब कोई कहे कि "फलां शेयर अगला HDFC Bank है", तो यह याद रखिए कि उसी दौर की कई कंपनियां शून्य पर भी गईं.
इसका हल क्या है? एक ही शेयर पर सब कुछ मत लगाइए. 8 से 12 अच्छी कंपनियों में पैसा बांटिए. उनमें से एक भी मल्टीबैगर निकल आए तो पूरा पोर्टफोलियो संभल जाता है, और एक डूब जाए तो ज्यादा नुकसान नहीं होता.
निष्कर्ष
सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले शेयरों का रिकॉर्ड देखकर एक ही बात साफ होती है: बड़ा पैसा शेयर चुनने से नहीं, समय देने से बना है.
25 साल में 4,000 गुना देने वाली HDFC Bank हो या 20 साल में 37% सालाना देने वाली Bajaj Finance, दोनों में एक बात समान है. निवेशक ने खरीदकर सालों तक छोड़ दिया, बीच की गिरावट में घबराया नहीं.
आज की तारीख में इन्हीं कंपनियों से वैसा ही रिटर्न मिलेगा, यह जरूरी नहीं. बड़ी हो चुकी कंपनियां धीरे बढ़ती हैं. इसलिए लिस्ट याद करने के बजाय कंपनी परखना सीखिए.
यह लेख सिर्फ सीखने के लिए है. हम SEBI रजिस्टर्ड एडवाइजर नहीं हैं और यह निवेश सलाह नहीं है. शेयर बाजार में पैसा डूब भी सकता है. निवेश से पहले खुद जांच करें या अपने वित्तीय सलाहकार से बात करें.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाला शेयर कौन सा है?
पिछले 25 साल के रिकॉर्ड में HDFC Bank (करीब 4,000 गुना) और TCS (करीब 3,500 गुना) सबसे ऊपर रहे. लेकिन यह बीत चुका रिटर्न है, आगे का नहीं.
क्या मल्टीबैगर शेयर पहले से पहचाने जा सकते हैं?
पक्के तौर पर नहीं. हां, जिन कंपनियों की बिक्री और मुनाफा लगातार बढ़ रहा हो, कर्ज कम हो और मैनेजमेंट भरोसेमंद हो, उनमें संभावना ज्यादा रहती है.
कितने साल रुकना पड़ता है?
ऊपर के आंकड़े बताते हैं कि असली फर्क 10 साल के बाद दिखता है. 5 साल में अच्छे शेयर ने 5 से 14 गुना दिया, जबकि 25 साल में हजार गुना से ऊपर.
₹10,000 से शुरुआत करके कितना बन सकता है?
अगर सालाना 15% मिले तो 20 साल में ₹10,000 करीब ₹1.6 लाख बनते हैं. 25% सालाना मिले तो करीब ₹8.6 लाख. यह सिर्फ गणित है, गारंटी नहीं.
क्या आज भी ये शेयर खरीदने चाहिए?
ये कंपनियां अब बहुत बड़ी हो चुकी हैं, इसलिए इनसे पहले जैसी रफ्तार की उम्मीद रखना गलत होगा. फैसले से पहले मौजूदा भाव और कमाई देखें, और अपने वित्तीय सलाहकार से बात करें.

लेखक
Rahul KumarB.Com, School of Open Learning, University of Delhi से कॉमर्स ग्रेजुएट. 2020 से शेयर मार्केट में ट्रेडिंग और निवेश कर रहे हैं और यहाँ अपना अनुभव आसान हिंदी में लिखते हैं.


