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सबसे ज्यादा डिविडेंड देने वाली कंपनी: लिस्ट और चुनने का तरीका

सबसे ज्यादा डिविडेंड देने वाली कंपनियां कौन सी हैं, डिविडेंड यील्ड कैसे देखें, टैक्स कितना लगता है और यील्ड ट्रैप से कैसे बचें.

6 मिनट·Rahul Kumar·
सबसे ज्यादा डिविडेंड देने वाली कंपनी: लिस्ट और चुनने का तरीका

सबसे ज्यादा डिविडेंड देने वाली कंपनी कौन सी है, यह सवाल उन लोगों के मन में आता है जो शेयर से नियमित कमाई चाहते हैं.

इस लेख में तीन चीजें मिलेंगी: डिविडेंड का पूरा हिसाब, आमतौर पर ऊंचा डिविडेंड देने वाली कंपनियों की लिस्ट, और सबसे जरूरी, ऊंची यील्ड के जाल से कैसे बचें.

डिविडेंड क्या होता है

जब कंपनी मुनाफा कमाती है, तो उसके पास दो रास्ते होते हैं: पैसा कारोबार बढ़ाने में लगाए, या शेयरधारकों को बांट दे. जो हिस्सा बांटा जाता है, वही डिविडेंड है.

यह पैसा सीधे आपके बैंक खाते में आता है. इसके लिए शेयर बेचना नहीं पड़ता.

एक आसान उदाहरण: मान लीजिए आपके पास किसी कंपनी के 100 शेयर हैं और कंपनी ने ₹10 प्रति शेयर डिविडेंड घोषित किया. तो आपके खाते में ₹1,000 आ जाएंगे, चाहे शेयर का भाव कुछ भी हो.

डिविडेंड यील्ड कैसे निकलती है

यही वो नंबर है जिससे तय होता है कि डिविडेंड अच्छा है या नहीं.

डिविडेंड यील्ड = (सालभर का डिविडेंड ÷ शेयर का भाव) × 100

शेयर का भावसालाना डिविडेंडयील्ड
₹100₹55%
₹500₹102%
₹1,000₹505%

ध्यान दीजिए: ₹50 का डिविडेंड बड़ा दिखता है, पर ₹1,000 के शेयर पर वो भी 5% ही है. इसलिए हमेशा यील्ड देखिए, डिविडेंड की रकम नहीं.

ऊंचा डिविडेंड देने वाली कंपनियां

नीचे वो कंपनियां हैं जो भारत में लगातार अच्छा डिविडेंड देने के लिए जानी जाती हैं.

dividend dene wali company ka naam

कंपनीसेक्टरडिविडेंड क्यों देती है
Coal Indiaकोयलासरकारी कंपनी, नकदी ज्यादा, नया निवेश कम
Hindustan Zincमाइनिंगमुनाफे का बड़ा हिस्सा बांटती है
Vedantaमाइनिंग और मेटलसाल में कई बार डिविडेंड देती है
ONGCतेल और गैससरकारी कंपनी, स्थिर कमाई
Power Gridबिजली ट्रांसमिशनतय आमदनी वाला कारोबार
NTPCबिजली उत्पादननियमित नकदी प्रवाह
ITCFMCGमजबूत नकदी, लगातार डिविडेंड
Hero MotoCorpऑटोकम कर्ज, अच्छी नकदी
Bajaj Autoऑटोनिर्यात से स्थिर कमाई
TCS और InfosysITमुनाफे का बड़ा हिस्सा बांटती हैं
SBIबैंकिंगदेश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक

यील्ड के नंबर मैंने जान-बूझकर नहीं लिखे. वजह यह है कि यील्ड रोज बदलती है, क्योंकि शेयर का भाव रोज बदलता है. किसी भी लेख में लिखी हुई यील्ड कुछ महीनों में गलत हो जाती है.

ताजा यील्ड देखने का तरीका आसान है: Screener.in पर कंपनी का नाम डालिए, ऊपर ही "Dividend Yield" लिखा दिखेगा. अपने ब्रोकर के ऐप में भी यह दिखता है.

एक पैटर्न जो समझ लेना चाहिए

ऊपर की लिस्ट देखिए. इसमें ज्यादातर कंपनियां सरकारी, माइनिंग, बिजली या पुराने जमे हुए कारोबार की हैं.

इसकी वजह है. जो कंपनी तेजी से बढ़ रही होती है, वो अपना मुनाफा नए कारखाने और नए कारोबार में लगाती है, इसलिए डिविडेंड कम देती है. और जिस कंपनी के पास बढ़ने की गुंजाइश कम बची है, वो मुनाफा बांट देती है.

इसका सीधा मतलब यह है: ऊंचा डिविडेंड मिलता है, तो भाव में तेज बढ़त आमतौर पर कम मिलती है. दोनों एक साथ मिलना मुश्किल है.

डिविडेंड यील्ड ट्रैप से बचिए

यह सबसे जरूरी हिस्सा है, और ज्यादातर लेख इसे छोड़ देते हैं.

मान लीजिए किसी शेयर की यील्ड अचानक 12% दिख रही है. देखने में शानदार लगता है. पर याद कीजिए कि यील्ड का फॉर्मूला क्या था: डिविडेंड ÷ भाव.

यील्ड दो वजह से बढ़ती है:

  1. कंपनी ने डिविडेंड बढ़ा दिया (अच्छी बात)
  2. शेयर का भाव गिर गया (खतरे की बात)

दूसरी सूरत में आप एक डूबती कंपनी खरीद रहे होते हैं, और अगले साल वो डिविडेंड देना ही बंद कर सकती है. इसे यील्ड ट्रैप कहते हैं.

इससे बचने के लिए तीन चीजें देखिए:

क्या देखेंसही क्या है
पिछले 5 साल का डिविडेंडहर साल दिया हो, बीच में बंद न हुआ हो
पेआउट रेशियो70% से कम बेहतर, वरना कंपनी पर बोझ
मुनाफा बढ़ रहा है या नहींघटता मुनाफा मतलब आगे डिविडेंड भी घटेगा

डिविडेंड पर टैक्स

यह जानना जरूरी है, क्योंकि हाथ में आने वाली रकम इससे बदल जाती है.

  • डिविडेंड आपकी आमदनी में जुड़ता है और आपके टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है
  • एक तय सीमा से ज्यादा डिविडेंड मिलने पर कंपनी TDS काटकर पैसा भेजती है
  • इसलिए ऊंचे स्लैब वाले व्यक्ति के हाथ में यील्ड उतनी नहीं रहती जितनी दिखती है

टैक्स के नियम और सीमाएं हर बजट में बदलती रहती हैं, इसलिए मौजूदा नियम अपने CA या आयकर विभाग की वेबसाइट से जांच लीजिए.

डिविडेंड कब मिलता है

चार तारीखें होती हैं, जिनमें एक सबसे जरूरी है.

तारीखमतलब
घोषणा की तारीखकंपनी ऐलान करती है
रिकॉर्ड डेटइस दिन आपके नाम शेयर होना जरूरी है
एक्स-डिविडेंड डेटइसके बाद खरीदने पर डिविडेंड नहीं मिलेगा
भुगतान की तारीखपैसा खाते में आता है

एक बात जो कई लोग नहीं जानते: एक्स-डेट वाले दिन शेयर का भाव आमतौर पर उतना ही गिर जाता है जितना डिविडेंड दिया गया. यानी सिर्फ डिविडेंड लेने के लिए एक दिन पहले खरीदने से कुछ खास नहीं मिलता.

डिविडेंड वाले शेयर किसके लिए हैं

ठीक हैं:

  • जो रिटायर हो चुके हैं और नियमित नकद चाहते हैं
  • जिनके पास लंबी अवधि है और जो स्थिर कंपनियां चाहते हैं
  • जो कम उतार-चढ़ाव पसंद करते हैं

ठीक नहीं हैं:

  • जो पैसा तेजी से बढ़ाना चाहते हैं
  • जो सिर्फ ऊंची यील्ड देखकर खरीदते हैं
  • जो टैक्स का हिसाब नहीं लगाते

निष्कर्ष

सबसे ज्यादा डिविडेंड देने वाली कंपनियां ढूंढना आसान है, पर सबसे ज्यादा डिविडेंड वाली कंपनी सबसे अच्छी कंपनी नहीं होती.

सही तरीका यह है: पहले देखिए कि कंपनी का कारोबार मजबूत है या नहीं, फिर देखिए कि वो पिछले कई सालों से लगातार डिविडेंड दे रही है या नहीं, और तब यील्ड देखिए.

जो सिर्फ यील्ड का नंबर देखकर खरीदते हैं, वो अक्सर गिरती हुई कंपनी खरीद बैठते हैं.

यह लेख सिर्फ सीखने के लिए है. हम SEBI रजिस्टर्ड एडवाइजर नहीं हैं और यह निवेश सलाह नहीं है. ऊपर दिए गए नाम सिर्फ उदाहरण हैं, किसी को खरीदने की सलाह नहीं. निवेश से पहले खुद जांच करें या अपने वित्तीय सलाहकार से बात करें.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सबसे ज्यादा डिविडेंड देने वाली कंपनी कौन सी है?

यह हर साल बदलता रहता है, क्योंकि यील्ड भाव के साथ बदलती है. आमतौर पर Coal India, Vedanta, Hindustan Zinc और ONGC जैसी कंपनियां ऊंची यील्ड वाली सूची में रहती हैं. ताजा आंकड़े Screener पर देख लीजिए.

डिविडेंड कब और कैसे मिलता है?

रिकॉर्ड डेट पर आपके नाम शेयर होने चाहिए. उसके बाद तय तारीख पर पैसा सीधे आपके बैंक खाते में आ जाता है.

क्या डिविडेंड पर टैक्स लगता है?

हां. डिविडेंड आपकी आमदनी में जुड़ता है और आपके स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है. तय सीमा से ज्यादा पर TDS भी कटता है.

ऊंची डिविडेंड यील्ड अच्छी होती है क्या?

जरूरी नहीं. कई बार यील्ड इसलिए ऊंची दिखती है क्योंकि शेयर का भाव गिर गया है. खरीदने से पहले देखिए कि कंपनी का मुनाफा बढ़ रहा है या नहीं.

क्या डिविडेंड से रिटायरमेंट की आमदनी बन सकती है?

बन सकती है, पर इसके लिए बड़ी पूंजी चाहिए. 4% यील्ड पर हर महीने ₹20,000 पाने के लिए करीब ₹60 लाख का निवेश चाहिए होगा.

— Rahul, TradingWithRahul
Rahul Kumar

लेखक

Rahul Kumar

B.Com, Delhi University से कॉमर्स ग्रेजुएट. 2020 से शेयर मार्केट में ट्रेडिंग और निवेश कर रहे हैं और यहाँ अपना अनुभव आसान हिंदी में लिखते हैं.